
पश्चिम बंगाल की सियासत में चुनाव से पहले फिर वही पुराना ‘EVM बम’ फूट गया है… और इस बार भी निशाने पर है सिस्टम। सीएम Mamata Banerjee ने मुर्शीदाबाद की रैली से सीधा संदेश दिया—“हर बटन दबाकर चेक करो… आंख बंद करके वोट मत डालो।” यह सिर्फ अपील नहीं, बल्कि एक सियासी अलार्म है, जिसने चुनावी माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है।
EVM पर ममता का ‘वार’, सतर्क रहने की अपील
रैली के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि हर मतदाता और बूथ एजेंट की जिम्मेदारी है कि वह EVM मशीन को ठीक से जांचे। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव सिर्फ वोट डालने का नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित रखने का भी है।
उनका कहना था कि बूथ एजेंट किसी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि “बंगाल के हित” में काम करें। साथ ही उन्होंने इशारों-इशारों में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी “लालच में आकर बिके नहीं।”
“हर बटन दबाओ, सच सामने आएगा”
ममता बनर्जी ने एक बेहद चौंकाने वाली सलाह दी—EVM के हर बटन को दबाकर यह सुनिश्चित करें कि वोट सही जगह जा रहा है या नहीं।यह बयान चुनावी प्रक्रिया पर सीधे सवाल खड़े करता है और यह संकेत देता है कि TMC नेतृत्व को मशीनों की विश्वसनीयता पर भरोसा नहीं है।
VVPAT पर खास जोर, ‘पर्ची ही असली गवाह’
मुख्यमंत्री ने Voter Verified Paper Audit Trail (VVPAT) को सबसे अहम बताया। उन्होंने कहा कि वोट डालने के बाद पर्ची को जरूर देखें ताकि यह कन्फर्म हो सके कि आपका वोट सही उम्मीदवार को गया है।
यह अपील सीधे तौर पर मतदाताओं को जागरूक करने के साथ-साथ EVM सिस्टम पर शक की सुई भी घुमा रही है।
“जरूरत पड़े तो लाइन में खड़े रहो”
ममता ने मतदाताओं से कहा कि अगर मशीन में दिक्कत हो या जांच में समय लगे, तो धैर्य रखें और लाइन में इंतजार करें। उनके मुताबिक, यह सिर्फ वोट नहीं—आपकी पहचान, भाषा और अस्तित्व का सवाल है।

मतदान के बाद भी ‘निगरानी मोड ऑन’
ममता बनर्जी ने साफ कहा कि असली खेल वोटिंग के बाद शुरू होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि रात में EVM मशीनों की सुरक्षा पर नजर रखें और 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करें। उनका आरोप है कि केंद्रीय बलों की मौजूदगी के बावजूद मशीनों से छेड़छाड़ की कोशिश हो सकती है।
BJP पर सीधा हमला, ‘मशीन खराब करने की साजिश’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर जानबूझकर EVM मशीनों को खराब किया जाता है ताकि चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो। उन्होंने साफ कहा कि अगर मशीन खराब हो, तो उसे ठीक कराने के बजाय तुरंत नई मशीन की मांग करें—ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचा जा सके।
Adhir Ranjan Chowdhury का पलटवार
इस बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी पर ही निशाना साध दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल में BJP को मजबूत करने में खुद ममता की राजनीति का बड़ा हाथ रहा है। अधीर रंजन ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस और BJP के बीच कोई नजदीकी नहीं है, और यह बयान सिर्फ राजनीतिक दूरी साफ करने के लिए नहीं बल्कि TMC पर हमला भी है।
चुनाव से पहले ‘डर’ या ‘रणनीति’?
EVM को लेकर उठते सवाल नए नहीं हैं, लेकिन हर चुनाव से पहले यह मुद्दा अचानक क्यों गर्म हो जाता है? क्या यह वाकई सिस्टम पर अविश्वास है… या फिर एक रणनीतिक नैरेटिव, जिससे वोटर्स को भावनात्मक रूप से जोड़ा जा सके? ममता बनर्जी का यह बयान एक तरफ उनके समर्थकों को अलर्ट करता है, वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग और सिस्टम पर दबाव भी बनाता है।
बंगाल की जंग: भरोसा बनाम शक
पश्चिम बंगाल का चुनाव अब सिर्फ TMC vs BJP नहीं रहा… यह भरोसे और शक की लड़ाई बन चुका है। एक तरफ ममता बनर्जी का EVM पर सवाल है, तो दूसरी तरफ विपक्ष का पलटवार—और बीच में खड़ा है वोटर, जो तय करेगा कि सच क्या है।
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